अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से दिल्ली से कानपुर, लखनऊ जाने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। उत्तर रेलवे ने 2 अप्रैल से 13 मई तक 42 दिनों का मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लागू किया है। इस फैसले के चलते वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों सहित कई ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं, जबकि कई ट्रेनों को रद्द भी किया गया है। ऐसे में यात्रियों को आने वाले डेढ़ महीने तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कानपुर-कानपुर ब्रिज लेफ्ट बैंक सेक्शन पर बड़े पैमाने पर मरम्मत और सुधार काम किया जा रहा है। ब्रिज नंबर 110 पर स्टील ट्रफ की जगह H-बीम स्लीपर लगाए जाएंगे, जिससे ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा बढ़ेगी। यह काम रोजाना 8 घंटे के ब्लॉक में किया जाएगा।
किन ट्रेनों पर पड़ेगा असर?
इस मेगा ब्लॉक के कारण कई MEMU और पैसेंजर ट्रेनें, जो कानपुर, लखनऊ, झांसी, रायबरेली, सीतापुर और कासगंज के बीच चलती हैं, पूरी अवधि के लिए रद्द रहेंगी। इसके अलावा कई मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है या उन्हें शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।
वंदे भारत और शताब्दी का बदला रूट
यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस और आनंद विहार-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है। ये ट्रेनें अब मुरादाबाद के रास्ते चलेंगी, जिससे कानपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों को स्किप किया जाएगा।
लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर
पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नॉर्थ-ईस्ट की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा। इसके चलते कई स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी और यात्रियों को अपने सफर में बदलाव करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे सफर से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें। बदलते शेड्यूल और रूट डायवर्जन के कारण बिना जानकारी के यात्रा करने पर परेशानी हो सकती है।
क्यों जरूरी है यह काम?
हालांकि इस दौरान यात्रियों को असुविधा होगी, लेकिन यह काम रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और भविष्य में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।